20x40 से 50x60 तक — बिहार के सबसे आम प्लॉट साइज़ के लिए नक्शे के विकल्प, कमरों का साइज़ और खर्च का अनुमान। प्लॉट धुर या कट्ठे में पता है? नीचे कन्वर्टर से वर्ग फुट निकालें।
बिहार में ज़मीन धुर, कट्ठा, डिसमिल और बीघा में नापी जाती है। अपना नाप डालें — वर्ग फुट और सबसे नज़दीकी नक्शा साइज़ तुरंत देखें।
सबसे नज़दीकी प्लॉट साइज़: — का नक्शा देखें।
1 धुर ≈ 68.06 वर्ग फुट · 1 कट्ठा = 20 धुर ≈ 1361 वर्ग फुट · 1 बीघा = 20 कट्ठा · 1 डिसमिल = 435.6 वर्ग फुट। कुछ इलाकों में कट्ठे का नाप अलग होता है — अपने केवाला/खतियान से मिलाएँ।
हर पेज पर लेआउट के विकल्प, कमरों का साइज़, वास्तु टिप्स, खर्च का अनुमान और कैलकुलेटर।
2BHK या 1BHK + पार्किंग; G+1 में 3BHK डुप्लेक्स
नक्शा देखें →2BHK + पार्किंग या 3BHK; G+1 में 4BHK डुप्लेक्स
नक्शा देखें →2BHK + कार पार्किंग — चौड़ा प्लॉट, अच्छी रोशनी
नक्शा देखें →एक फ्लोर पर 3BHK + पार्किंग — सबसे संतुलित साइज़
नक्शा देखें →3BHK + गार्डन + पार्किंग — सैंपल नक्शे के साथ
नक्शा देखें →4BHK लग्ज़री, 2 कार पार्किंग — सैंपल नक्शे के साथ
नक्शा देखें →नाप, दिशा और ज़रूरत (कितने बेडरूम, पार्किंग, बजट) WhatsApp करें।
इंजीनियर प्लॉट पर आकर सही नाप और सड़क/नाली की स्थिति देखता है।
3-5 दिन में शुरुआती लेआउट; आपके बदलावों के साथ फाइनल।
7-10 दिन में 3D एलिवेशन, स्ट्रक्चरल और अप्रूवल ड्रॉइंग।
बिहार में आम तौर पर 1 कट्ठा = 20 धुर ≈ 1361 वर्ग फुट माना जाता है (1 बीघा = 20 कट्ठा)। लेकिन कुछ ज़िलों और गाँवों में कट्ठे का नाप अलग होता है, इसलिए अपने केवाला या खतियान में लिखा नाप ज़रूर देखें।
1 धुर लगभग 68 वर्ग फुट (68.06 वर्ग फुट) का होता है। जैसे 12 धुर ≈ 817 वर्ग फुट — यानी लगभग 20x40 का प्लॉट।
साइट की नपाई के बाद शुरुआती 2D लेआउट आम तौर पर 3-5 दिन में तैयार होता है, और 3D फ्रंट एलिवेशन आपके बदलावों के साथ 7-10 दिन में मिल जाता है।
प्लॉट का नाप, दिशा (फेसिंग) और फोटो WhatsApp पर भेजकर शुरुआती लेआउट पर बात हो सकती है। लेकिन अंतिम नक्शा हम साइट पर सही नपाई के बाद ही बनाते हैं, ताकि निर्माण में कोई गलती न हो।
हाँ, हम अप्रूवल के लिए ज़रूरी 2D ड्रॉइंग, सेटबैक और स्ट्रक्चरल डिटेल के साथ नक्शा तैयार करते हैं — नगर निगम, नगर परिषद या पंचायत, जहाँ आपका प्लॉट है, वहाँ के नियमों के हिसाब से।
हाँ — मुख्य द्वार, रसोई (आग्नेय कोण), मास्टर बेडरूम (नैऋत्य कोण), पूजा घर और सीढ़ी की जगह वास्तु के अनुसार रखी जाती है, आधुनिक डिज़ाइन के साथ।
सीधे इंजीनियर से बात — वास्तु के अनुसार नक्शा, 3D एलिवेशन और अप्रूवल ड्रॉइंग, एक ही टीम से।